Friday, 9 June 2017

समसामायिक घटनाएं 02/06/2017



1.विश्व दुग्ध दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?
1जून को।
2.माँ का दूध पहुँचाने के लिए पहली बार ग्रीन काँरीडोर कहाँ बनाया गया?
राजस्थान के भीलवाड़ा से अजमेर तक 150 किमी.।
3.Sparrow ITS क्या है?
भारत सरकार द्वारा भारतीय व्यापार सेवा के अधिकारियों के लिए स्मार्ट प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट दर्ज करने के लिए आनलाइन सेवा है।
4.हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन क्षमता निर्माण कार्यक्रम के लिए 36 मिलियन डालर का समझौता किससे हुआ?
विश्व बैंक के साथ ।
5.ADB (एशियन डेवलपमेंट बैंक) और किस भारतीय बैंक के मध्य सौर छत के लिए 100 मिलियन डालर के ऋण का समझौता हुआ है ?
PNB (पंजाब नेशनल बैंक)
6.वर्ष 2016-2017मे भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट कितनी रहने का अनुमान CSO द्वारा किया गया है?
7.1 प्रतिशत ।
7.नितिन गडकरी द्वारा किस पोर्ट ट्रस्ट की सम्पर्क सुविध के लिए 8 परियोजनाओं की आधराशिला रखी गई ?
जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट ।
8.World No Tobacco Day आवार्ड से किसे सम्मानित किया गया है ?
जे. पी. नड्डा ( स्वास्थ मंत्री ) तंबाकू नियंत्रण के लिए ।
9.किस देश के विदेश मंत्री को यूएन महासभा का अगला अध्यक्ष चुना गया है?
स्लोवाकिया के –मीरोस्लाव लाजकैक ।
10.हाल ही में किन्होने बीसीसीआई प्रसासक पद से स्तीफा दे दिया है?
रामचन्द्र गुहा ( चार प्रसाशको में से एक  हैं ) ।


Tuesday, 6 June 2017

जल संकट-जीवन संकट



देश में इस समय गर्मी तो चरमसीमा पर है ही, सूखे की त्रासदी  भी विकट रूप से सामने आ रही है। ऐसी विपरीत परिस्थिति में भी कुछ गाँव-मजरे ऐसे भी हैं जो रेगिस्तान में नखलिस्तान की तरह जल संकट से निरापद हैं। असल में यहां के लोग पानी जैसी बुनियादी जरुरत के लिए सरकार पर निर्भरता और प्रकृति को कोसने की आदत से मुक्त हैं । इन लोगो ने आज की इंजीनियरिंग और डिग्रीधारी ज्ञान के बजाय पूर्वजो के देशज ज्ञान पर ज्यादा भरोशा किया । हमें यह जानना चाहिए कि वैदिक काल से लेकर वर्तमान तक विभिन्न कालखंडो में समाज के द्वारा अपनी जरूरत के मुताबिक बनाई गई जल संरचनाओं और जल प्रणालियों के  अस्तित्व के अनेक प्रमाण मिलते हैं, जिनमें तालाब सभी जगह मौजूद रहें हैं । रेगिस्तान में तो तालाबो को सागर की उपमा दे दी गई है ।ऋग्वेद में सिंचित खेती , कुओं और गहराई से पानी खींचने वाली प्रणालियों का उल्लेख मिलता हैं। कौटिल्य के अर्थशाश्त्र में भी जल संरचनाओं के बारे में अनेक विवरण उपलब्ध हैं। इन विवरणों से पता चलता है कि तालाबों का निर्माण राज्य की चमीन पर होता था।  स्थानीय लोग तालाब निर्माण की सामग्री जुटाते थे। असहयोग और तालाब को नुकसान पहुंचाने वालों पर राजा द्वारा जुर्माना लगाया जाता था ।
जो लोग इस समय 44-45 डिग्री तापमान के कारण सूख गए ताल-तलैयों, नदी –नालों को सवारने में लग गए हैं वे पानी की कमी से उत्पन्न होने वाली समस्यायों से मुक्ति यज्ञ कर रहें हैं । आमतौर पर हमारी सरकारें बजट का रोना रोती हैं कि पारंपरिक जल  संसाधनों की सफाई के लिए बजट का टोटा है। अधिक खर्चीला काम नही है। इसके लिए भारी भरकम मशीनों की भी जरुरत नहीं होती हैं। तालाबो की गाद सालो साल से सड़ रही पत्तियों और अन्य अपशिष्ट पदार्थो की देन होती है । यह उम्दा दर्जे की खाद है । रासायनिक खादों ने किस कदर जमीन को चौपट कर दीया है , यह किसान जान चुके हैं और अब उनका रूख कंपोस्ट एवं अन्य देशी खादों की ओर है। किसानों को यदि इस खाद रुपी कीचड़ की खुदाई का जिम्मा सौपा जाए तो वे सहर्ष राजी हो जाते हैं । राजस्थान के झालवाड़ जिले में खेतों मे पालिश करने के नाम से यह प्रयोग अत्यधिक सफल और लोकप्रिय है। कर्नाटक में समाज के सहयोग से करीब 50 तालाबो का कायाकल्प हुआ है, जिसमें गाद की ढुलाई मुफ्त हुई यानी ढुलाई करने वाले ने इस मुफ्त कीमती खाद को बेचकर पैसा कमाया। इससे एक तो खेतों को उर्वरक मिलता है, साथ ही तालाबों के रखरखाव से सिंचाई सुविधा भी बढ़ती है। सिर्फ आपसी तालमेल, समझदारी और तालाबों के संरक्षण की दिली भावना हो तो न तो तालाबों में गाद बचेगी और न ही सरकारी अमलों में घूसखोरी की कीच़ होगी।
जल संकट से जूझ रहे समाज ने नदी को तालाब से जोड़ने , गहरे कुओं से तालाब भरने , पहाड़ पर नालियां बना कर उसका पानी तालाब में जुटाने जैसे अनगिनत प्रयास किए हैं और प्रकृति के कोप पर विजय पाई है। यह जरूरी है कि लोग अपने मुहल्ले कस्बों के पारंपरिक जल संसाधनों-तालाबों , बावड़ी, कुओं की सुधि लें। उनकी सफाई, मरम्मत का काम करें । बस एक बात ख्याल करना होगा कि पारंपरिक चलस्रोतों को गहरा करने में भारी भरकम मशीनों से परहेज ही करें । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के अंधियारा तालाब की कहानीं गौर करें। एक अर्सा पहले यहां सूखा राहत के तहत तालाब गहराई का काम हुआ। इंजीनियर राहब ने तालाब के बीचों-बीच खूब गहरी खुदाई करवादी । जब पानी बरसा तो तालाब एक रात में ही लबालब हो गया , लेकिन , अगली सुबह ही उसकी तली दिखने लगी। असल में बगैर सोचें समझे की गई खुदाई में तालाब की वह झिर टूट गई , जिसका संबंध सीधे इलाके की ग्रेनाइट संरचना से था। पानी आया और झिर से बह गया । तालाब महज एक गड्ढा नही हैं जिसमें बारिस का पानी जाम हो जाए और लोग इस्तेमाल करने लगें। तालाब कहां खुदेगा इसको परखने के लिए वहां की मिट्टी , जमीन पर जल आगमन एवं निगमन की व्यवस्था एवं स्थानीय पर्यावरण का खयाल रखना भी जरूरी होता है वरना यह भी देखा गया है ग्रेनाईट संरचना वाले ईलाको में कुएं या तालाब खुदे रात में पानी भी आया और कुछ ही घंटो मे कहीं बह गया । इसी तरह यदि बगैर सोचे समझे पीली या दुरमट मिट्टी में तालाब खोदा तो धीरे-धीरे पानी जमीन में बैठेगा ,फिर दलदल बन जाएगा । क्या हम जानते है कि अभी एक सदी तक पहले बुंदेलखण्ड मे तालाबो की देख रेख का काम पारंपरिक रूप से ढीमर समाज के लोग करते थे। वे तालाब को साफ रखते थे और उसके जल आवाक को सहेजते थे । बदले में तालाब की मछली सिघाड़े आदि पर इनका अधिकार होता था । इस तरह प्रत्येक इलाके में तालाबों को सहेजने का जिम्मा एक वर्ग ने उठा रखा था ।उसकी रोजी रोटी की व्यवस्था वही करते थे जो तालाबों के जल का इस्तेमाल करते थे । तालाब को लोक की संस्कृति-सभ्यता का अभिन्न अंग हैं । इन्हें सरकारी बाबुओं की बदौलत नहीं छोड़ा जा सकता हैं । यह जान ले की रेल से पानी पहुंचाने जैसे प्रयोग तत्कीलिक उपाय भर हैं । बढ़ती आबादी जल की जरूरत में इजाफा और जलवायु परिवर्तन के अबूझ खेल के सामने लोक विज्ञान की जल संरक्षण नीतियों की शरण में जाना ही एक मात्र निदान हैं।
अगर किसी बड़े बांध पर हो रहे समूचे व्यय के बराबर राशि एक बार एक साल विशेष अभियान चलाकर पूरे देश के पारंपरिक तालाबों को सवारने उन्हे अतिक्रमण से मुक्त करने उनकी गाद हटाने पानी के आवक जावक के रास्ते को निरापाद बनाने में खर्च कर दिया जाए तो भले ही कितनी कम बारिश हो न तो देश का कोई कंठ सूखा रहेगा और न ही जमीन की नमी खत्म होगी।

समसामायिक घटनाएं 01/06/2017



1.कौन सा देश बैंक अकाउंट पोर्टिबिलिटी करने वाला पहला देश बनेगा ?
भारत (बैंक अकाउंट पोर्टिबिलिटी की शुरुवात होगी)
2.चीन युद्ध के 55 साल बाद सरकार किस प्रदेश में और कितना मुआवजा वितरित करेगी ?
अरुणांचल प्रदेश में 3000 करोंण रुपए( सेना द्वारा भूमि अधिग्रहण करने के लिए)
3.दुनियाँ का पहला लेपर्ड रिजर्व कहाँ पर बनाया जाएगा ?
जयपुर के झालाना वन क्षेत्र में (तेन्दुआ अभ्यारण्य)।
4.कौन सा विकसित देश पेरिस जलवायु समझौते से अपने आप को अलग करना चाहता है?
अमेरिका (2015 में हुआ था 195 देश शामिल हैं)।
5.चैम्पियन्स ट्राफी 2017 में कितनी टीमें शामिल हो रहीं है?
8 टीमें।
6.सोलर प्रोब प्लस क्या है?
नासा का एक अभियान है जिसके तहत नासा एक शोधयान भेजकर सूर्य के वातावरण और उसकी संरचाना का अध्ययन करेगी।
अगस्त -2018 में पहला यान भेजा जाएगा जिसका वजन 610 किग्रा. होगा तथा यह 1370 डिग्री से. तापमान सहन कर सकता है। और सूर्य से 40 लाख मील दूर सूर्य के कोरोना में स्थापित किया जाएगा।
प्रमुख सौर मिशन- 1974 में नासा द्वारा हीलियोज-1
                         1976 में नासा द्वारा हीलियोज-2
7.अन्तर्महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिशाइल को नाकाम करने वाली इंटरसेप्टर मिशाइल का परिक्षण कहाँ पर किया गया?
अमेरिका में (1973 की स्टार्स वार्स परियोजना जो 1999 में रोक दी गई थी)
परिक्षण मार्शल द्वीप पर किया गया।
8.विश्व तंबाकू दिवस किस तिथि को मानाया जाता है?
31 मई को।
9.World no Tobacco Day की इस वर्ष की थीम बताइये?
“Tobacco – A Thread To Development” WHO द्वारा निर्धारित किया गया था।
10.ICC की ताजा वनडे रैकिंग में किस गेंदबाज का पहला स्थान है?
कगीसो रबादा (दक्षिण अफ्रीका)।
11.रैगिंग से निपटने के लिए किस संस्थान द्वारा ऐप की शुरुवात की गई है?
UGC द्वारा (प्रकाश जावडेकर ने ऐप की शुरुवात की)
12.“डीप ओशन मिशन ” क्या है? और किस मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किया गया?
यह मिशन समुद्र अनुसंधान क्षेत्र में भारत की वर्तमान स्थिति को सुद्रढ़ करेगा। भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है जिसे गहरे समुद्र में खनन अन्वेषण के लिए पर्याप्त क्षेत्र दिया गया था।
केन्द्रीय प्रथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा शुरुवात-2018 में होगी।
13.हिन्दी सेवा सम्मान पुरस्कार कब स्थापित किए गए थे?
1989 में।
14.हिन्दी सेवी सम्मान पुरस्कार किस संस्थान द्वारा और कितनी श्रेणियों में दिया जाता है?
केन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा द्वारा-12 श्रेणियों में।
15.राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का उपाध्यक्ष किसे नियुक्त किया गया है?
जार्ज कुरियन को ( केरल के समाजिक कार्यकर्ता हैं।)


भारत में विज्ञान एवं प्रद्योगिकी

अपलोड हो रहा है।

भारतीय कृषि

भारत एक कृषि प्रधान देश है भारत की अधिकांश जनसंख्या कृषि कार्यों में संलग्न है।

पर्यावरण क्या है?



लम्बी छुट्टीयों के बाद जब रवि स्कूल जा रहा था, तब उसने देखा कि उसके स्कूल के निकट के खेल के मैदान में खुदाई हो गई थी। वही एक मैदान उनके खेलने के लिए वहां था। लोगो ने बाताया कि वहां अनेक फ्लैटों वाली एक बड़ी इमारत बनेगी। जब रवि को समझ में आया कि मुलायम घास, गेंदे के फूल एवं तितलियो वाला विशाल मैदान अब हमेशा के लिए नष्ट हो चुका है तो उसकी आँखों में आँसू छलकने लगे। उसने यह बात अपने सहपाठियो को बताई। सुबह की सभा में प्रदानाचार्य ने भी बहुत उदासी से कहा, “देखो कैसे हमारा पर्यावरण बदल रहा है।”
कक्षा में पहुँच कर रवि ने अपने शिक्षक से पूँछा, “पर्यावरण क्या है?” “जो कुछ भी अपने आस पास देखते हो,” शिक्षक ने बाताया।
रवि कहने लगा “इसका अर्थ है, स्कूल भवन, मेज़, कक्षा में रखी कुर्सियाँ, यहाँ तक की खुला मैदान, सड़क,कूड़ा-करकट, मेरे दोस्त, ये सभी हमारे पर्यावरण के अंग हैं।”
“हाँ” शिक्षक ने कहा, “लेकिन ज़रा रुको......कुछ वस्तुओं का निर्माण प्रकृति ने किया है-जैसे, पर्वत,नदियाँ, पेंड़, प्राणी। जबकि अन्य का निर्माण मानव द्वारा किया गया है –जैसे, सड़क, कार, कपड़े, किताब आदि।”
उपर के वार्तालाप से आप समझ गए होंगे कि किसी भी जीवित प्राणी के चारो ओर पाए जाने वाले लोग, स्थान, वस्तुएँ एवं प्रकृति को पर्यावरण कहते हैं। यह प्राकृतिक एवं मानव निर्मित परिघटनाओं का मिश्रण है। प्राकृतिक पर्यावराण में पृथ्वी पर पाई जाने वाली “जीवीय” एवं “अजीवीय” दोनो परिस्थितियाँ सम्मिलित हैं, जबकि मानवीय पर्यावरण में मानव की परस्पर क्रियाएँ, उनकी गतिविधियाँ एवं उनके द्वारा बनाई गई रचनाएँ सम्मिलित हैं।
(NCRT-6)

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