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Tuesday, 30 May 2017

प्रागैतिहासिक काल(Prehistoric Age)



आदि या प्रारंभ से 3300 ई. पू. तक के समय को प्रागैतिहासिक काल कहा जाता है । इस समय मानव का अस्तित्व तो था पर लिपि का विकास न होने के कारण किसी प्रकार का लिखित वर्णन उपलब्ध नही है। इस काल में मानव छोटे छोटे कबीलों में रहता था तथा शिकारी जीवन व्यतीत करता था। इस काल की प्रमुख घटनाएं, हिमयुग , मानव का अफ्रीका से निकल कर अन्य प्रदेशों में विस्तार, अग्नि का आविष्कार, कृषि का आविष्कार, जानवरों को पालतू बनाना आदि शामिल है। इस काल के केवल अवशेष पत्थर के औजार, गुफाओं की चित्रकला, तथा हड्डियो के औजार आदि उपलब्ध हैं।
प्रागैतिहासिक काल को तीन भागो में विभाजित किया जा सकता है।

पुरा पाषाण काल-  25-20 लाख ई.पू. से 12,000 ई.पू. तक
 मध्य पाषाण काल- 12,000 ई.पू. से 10,000 ई.पू. तक
नव पाषाण काल- 10,000 ई.पू. से 3300 ई.पू तक

काल के आधार पर इतिहास का विभाजन



काल के आधार पर भारकीय इतिहास को तीन भागो में विभाजित किया जा सकता है जो निम्न प्रकार से है-


प्रागैतिहासिक काल :-
  1. वह काल जिसका कोई लिखित साक्ष्य उपलब्ध नहीं है ।
  2. इसमे मानव का जीवन पूर्णत: सभ्य नही था ।
  3.  इस काल के इतिहास के लिए पुरातात्विक साक्ष्यो पर निर्भर रहना पड़ता है ।
आद्य ऐतिहासिक काल :-
  1. इस काल मे लिखित साक्ष्य तो प्राप्त होते है किन्तु गूढ़ लिपि के कारण पढ़ा नहीं जा सकता है .।
  2.   इस काल की जानकारी पुरातात्विक तथा साहित्यिक दोनो तरह के साक्ष्यो पर आधारित है ।
  3.  हड़प्पा तथा वैदिक सभ्यता का अध्ययन इसी काल के अंतरगत किया जाता है .।
ऐतिहासिक काल :-

  1.  इस काल के सम्बन्ध मे लिखित साक्ष्य भी प्राप्त होते है व उन्हे पढ़ा भी जा सकता है ।
  2. इस काल का मानव सभ्य बन गया था ।
  3. इस काल के विषय मे पुरातात्विक व साहित्यिक साक्ष्यो के साथ विदेशियो के विवरण से भी जानकारी प्राप्त होती है ।

इतिहास का अर्थ एवं परिभाषा


इतिहास (इति +ह्+आस – अस् धातु, लिट लकार, अन्य पुरुष तथा एक वचन)

शाब्दिक अर्थ- निश्चित रूप से ऐसा हुआ होगा
इतिहास के अध्ययन के द्वारा हमें किसी राष्ट्र या समाज के अतीत को जानने में सायता मिलती है। इसके माध्यम से ज्ञात होता है कि कोई राष्ट्र या समाज अपने लम्बे काल में किस प्रकार विकसित हुआ । इसके कुछ पहलू जैसे उन्होने खेती करना कब प्रारंभ किया, कताई, बुनाई तथा धातुकर्म कब विकसित हुआ। इसके अतिरिक्त वहाँ की राजनीतिक एवं प्रसासनिक प्रणालियों का विकास, शहरी जीवन का विकास आदि के बारे में जानकारी मिलती है।
किसी राष्ट्र या समाज के इन्ही पहलुओं के अध्ययन को इतीहास कहा जाता है
·        इतिहास शब्द का प्रयोग विषेषतः दो अर्थो में किया जाता है, एक प्राचीन अथवा विगत काल की घटनाए और दूसरा उन घटनाओं के विषय में धारणा।
·        ग्रीस के लोग “इतिहास” के लिए “हिस्तरी” (HISTORY) शब्द का प्रयोग करते थे जिसका शाब्दिक अर्थ है “बुनना” । अनुमान होता है कि ज्ञात घटनाओं को व्यवस्थित ढंग से बुनकर एक ऐसा चित्र उपस्थित करने की कोशिश की जाती थी जो सुसंबद्ध हो।
प्राचीनता से नवीनता की ओर आने वाली मानव जाति से सम्बन्धित घटनाओं का वर्णन इतिहास है। इन घटनाओं व ऐतिहासिक साक्ष्यों को तथ्य के आधार पर प्रमाणित किया जाता है।

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